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उत्तर प्रदेश
नियति का क्रूर खेल.. दो बच्चों के बाद अंतिम चिराग भी बुझा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
nidhi
24 Sept 2026 9:05 AM IST

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तीन बच्चों को निगल गया एक जैसा दर्द
फतेहपुर : एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि एक के बाद एक तीन बच्चों की मौत हो गई। पहले दो बच्चों को खोने का दर्द परिवार अभी भुला भी नहीं पाया था कि अब तीसरे और आखिरी बच्चे की भी जान चली गई। तीनों बच्चों की मौत एक जैसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या से होने की बात सामने आने के बाद परिवार के साथ आसपास के लोग भी सदमे में हैं। माता-पिता के लिए यह घटना किसी भयावह सपने से कम नहीं है।
बताया जा रहा है कि परिवार के तीन बच्चे थे। कुछ समय पहले पहले बच्चे की तबीयत अचानक खराब हुई थी। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। परिवार इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा था कि दूसरे बच्चे के साथ भी इसी तरह की स्थिति बन गई। उसकी तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। दो बच्चों की मौत के बाद माता-पिता की सारी उम्मीद तीसरे और अंतिम बच्चे पर टिकी हुई थी। परिवार उसकी सेहत को लेकर पहले से अधिक सतर्क था। इसके बावजूद तीसरे बच्चे में भी कथित तौर पर उसी तरह की स्वास्थ्य समस्या सामने आई। हालत बिगड़ने के बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ और आखिरकार उसकी भी मौत हो गई।
एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जिस घर में कभी तीन बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। रिश्तेदार और आसपास के लोग परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। दो बच्चों को खोने के बाद अंतिम बच्चे से माता-पिता को भविष्य की उम्मीद थी, लेकिन उसकी मौत ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।
तीनों बच्चों की मौत का कारण एक जैसी स्वास्थ्य समस्या बताए जाने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई आनुवंशिक बीमारी या दूसरी गंभीर चिकित्सकीय वजह तो नहीं थी। हालांकि डॉक्टरों की विस्तृत रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बिना किसी निश्चित कारण पर पहुंचना उचित नहीं होगा। ऐसे मामलों में बच्चों की मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट और परिवार के स्वास्थ्य इतिहास का अध्ययन महत्वपूर्ण होता है।
यदि एक ही परिवार में बार-बार बच्चों में समान गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं तो विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी जाती है। कुछ आनुवंशिक बीमारियां परिवार के कई सदस्यों को प्रभावित कर सकती हैं, जबकि संक्रमण या दूसरी चिकित्सकीय परिस्थितियां भी समान लक्षण पैदा कर सकती हैं। सही कारण केवल विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
तीसरे बच्चे की मौत के बाद परिवार का अंतिम चिराग भी बुझ गया। लगातार तीन बच्चों को खोने की घटना ने माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल तीनों बच्चों की मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारणों की आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आखिर एक जैसे बताए जा रहे दर्द ने इस परिवार से उसके तीनों बच्चों को क्यों छीन लिया।
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